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सीतामढ़ी प्राइम न्यूज़: लखनदेई की सफाई के लिए डीएम रिची पांडेय ने खुद उठाया मोर्चा, श्रमदान से दिया स्वच्छता का संदेश

 

सीतामढ़ी प्राइम न्यूज़: लखनदेई की सफाई के लिए डीएम रिची पांडेय ने खुद उठाया मोर्चा, श्रमदान से दिया स्वच्छता का संदेश

सीतामढ़ी | 03 मई, 2026 ब्यूरो रिपोर्ट:




​सीतामढ़ी की लाइफलाइन कही जाने वाली लखनदेई नदी को पुनर्जीवित और स्वच्छ बनाने की दिशा में आज जिला प्रशासन ने एक बड़ी मिसाल पेश की है। रविवार को नगर निगम द्वारा आयोजित 'श्रमदान कार्यक्रम 2026' के तहत जिलाधिकारी रिची पांडेय खुद नदी की सफाई के लिए मैदान में उतरे। उनके साथ जिले के तमाम वरीय अधिकारियों ने भी हाथों में झाड़ू और औजार थामकर श्रमदान किया।

जनआंदोलन की अपील: नदी सिर्फ जलधारा नहीं, हमारी पहचान है

​नदी के तट पर सफाई अभियान का नेतृत्व करते हुए डीएम रिची पांडेय ने कहा कि लखनदेई नदी सीतामढ़ी की सांस्कृतिक और सामाजिक पहचान का अभिन्न हिस्सा है। उन्होंने उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए कहा:

"श्रमदान केवल एक दिन का सफाई अभियान नहीं है, बल्कि यह समाज के प्रति हमारी सामूहिक जिम्मेदारी का प्रतीक है। लखनदेई की स्वच्छता सीधे तौर पर हमारे जनस्वास्थ्य और शहर की सुंदरता से जुड़ी है।"


प्रशासनिक अमले ने पेश की सक्रियता की मिसाल

​इस अभियान में जिलाधिकारी के साथ नगर आयुक्त, उप विकास आयुक्त (DDC), और एसडीओ (SDO) सहित विभिन्न विभागों के आला अधिकारी पसीना बहाते नजर आए। अधिकारियों ने न केवल नदी किनारे जमा कचरे को हटाया, बल्कि वहां मौजूद स्थानीय नागरिकों को भविष्य में नदी को प्रदूषित न करने की शपथ भी दिलाई।


अभियान की मुख्य बातें:

  • सामूहिक सहभागिता: नगर निगम कर्मियों के साथ-साथ स्थानीय युवाओं और नागरिकों ने भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।
  • लक्ष्य: प्रशासन का उद्देश्य सरकारी मशीनरी के साथ-साथ आम जनता को इस सफाई अभियान से जोड़कर इसे एक 'जनआंदोलन' बनाना है।
  • संदेश: "स्वच्छ, सुंदर और स्वस्थ सीतामढ़ी" के निर्माण के लिए नियमित सजगता जरूरी है।

स्थानीय लोगों में उत्साह

​जिलाधिकारी की इस पहल की शहरवासियों ने जमकर सराहना की है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि जब जिले के सबसे बड़े अधिकारी खुद नदी की सफाई में उतर सकते हैं, तो यह हम सभी के लिए एक बड़ी प्रेरणा है।

​इस श्रमदान कार्यक्रम ने स्पष्ट कर दिया है कि यदि प्रशासनिक सक्रियता और सामाजिक सहभागिता एक साथ मिल जाए, तो पर्यावरण संरक्षण की दिशा में किसी भी लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है।

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