सुरसंड. राज्य सरकार द्वारा गरीबों व असहायों के लिए चलाए जा रहे विभिन्न सेवाओं को गांव व कस्बों के हर घर तक पहुंचानेवाली आशा कार्यकर्ताओं ने शुक्रवार को बीएचएम विनय भूषण व बीसीएम कमरे आलम की कार्यशैली के विरुद्ध कार्य का बहिष्कार करते हुए सीएचसी के मुख्य द्वार पर धरना प्रदर्शन किया. आशा कार्यकर्ताओं का आरोप था कि उक्त दोनों स्वास्थ्यकर्मी द्वारा बार बार विभिन्न आरोप लगाकर वेतन में कटौती कर भुगतान किया जाता है. कटौती का विरोध करने पर कार्यमुक्त करने की धमकी दी जाती है. सभी आशा ने बताया कि वेतन कटौती मामले को लेकर पूर्व में भी कई बार धरना प्रदर्शन की जा चुकी है. सीएचसी प्रभारी के पहल पर आशा कार्यकर्ताओं का धरना प्रदर्शन समाप्त हुआ. धरना प्रदर्शन के आलोक में सीएचसी प्रभारी डॉ आरके सिंह ने उक्त दोनों स्वास्थ्यकर्मियों को यहां से हटाने व दूसरे कर्मी को प्रतिनियुक्त करने को ले सिविल सर्जन को पत्र प्रेषित किया है. प्रेषित पत्र की प्रतिलिपि डीएम व पुपरी के एसडीओ को भी भेज दी गयी है. कहा है कि आशा कार्यकर्ताओं ने धरना प्रदर्शन के माध्यम से गत एक अप्रैल से लंबित प्रोत्साहन राशि की भुगतान की मांग की है. सीएचसी प्रभारी द्वारा दोनों स्वास्थ्यकर्मियों द्वारा बार बार निदेशित किए जाने के बावजूद विभिन्न आरोप लगाकर प्रोत्साहन राशि की भुगतान में कटौती की जाती है. जबकि प्रभारी द्वारा आपसी समन्वय स्थापित कर आशा कार्यकर्ताओं की सभी प्रकार की प्रोत्साहन राशि भुगतान करने का निर्देश पूर्व में ही दी जा चुकी है. बावजूद प्रभारी के आदेश की अवहेलना कर बीएचएम व बीसीएम द्वारा सीएचसी में अराजकता पैदा कर विधि व्यवस्था ध्वस्त करने का प्रयास किया जाता है. नतीजतन अन्य कर्मियों को कार्य करने में बाधा उत्पन्न होती है. साथ ही बीसीएम को एक अक्षम स्वास्थ्यकर्मी बताते हुए आशा कार्यकर्ताओं को सही ढंग से प्रशिक्षण नहीं दिए जाने का आरोप भी लगाया गया है. सीएचसी प्रभारी ने बीसीएम की इस कुकृत्य से आजिज हो मौखिक आदेश की अवहेलना करने के आरोप में उनके वेतन से 30 प्रतिशत की कटौती करते हुए संविदा समाप्त करने व स्थानांतरण की अनुशंसा की है. वहीं स्वास्थ्य प्रबंधक से प्रोत्साहन राशि की भुगतान नहीं होने का कारण पूछे जाने पर आशा कार्यकर्ताओं द्वारा कार्य नहीं करने व दावा प्रपत्र गलत रूप से प्रस्तुत करना बताया जाता है. संस्थान की व्यवस्था सुचारू रूप से चलाने व आशा कार्यकर्ताओं को सभी प्रकार की प्रोत्साहन राशि का ससमय भुगतान हो, इसके लिए बीएचएम व बीसीएम को इस संस्थान से अविलंब स्थानांतरित कर अन्य किसी कर्मी को उक्त दोनों पदों पर पदस्थापित करने की मांग की गयी है.

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