डीएम सुनील कुमार यादव ने गंभीर रूप से अतिकुपोषित बच्चों का समुदाय आधारित प्रबंधन (C-SAM) "संवर्धन कार्यक्रम” का किया शुभारम्भ।
........................ सभी के सामूहिक प्रयास से ही सीतामढ़ी बनेगा कुपोषण मुक्त जिला: डीएम.....।
मो अरमान अली
सीतामढ़ी।समाहरणालय स्थित परिचर्चा भवन में “सम्वर्धन कार्यक्रम ” – गम्भीर रूप से अतिकुपोषित बच्चों के समुदाय आधारित प्रबंधन कार्यशाला का आयोजन किया गया, जिसका शुभारम्भ जिला पदाधिकारी सुनील कुमार यादव के द्वारा दीप प्रजवलित कर किया गया |
कार्यक्रम का शुभारंभ करते हुए जिला पदाधिकारी ने कहा कि बच्चों के स्वास्थ्य और पोषण से सम्बन्धित सूचकांको में अपेक्षित सुधार हेतु “संवर्धन” कार्यक्रम का क्रियान्वयन जिला में किया जाना है जिसके अंतर्गत अति गंभीर कुपोषित बच्चों का देखभाल तथा प्रबंधन के लिए संबंधित विभाग आपसी समन्वय स्थापित कर इसका शत - प्रतिशत क्रियान्वयन करेंगे। उन्होंने कहा कि सभी संबधित विभाग एवम एजेंसी आपस मे समन्वय कर अपने अपने स्तर से सभी आवश्यक कदम उठाए | उन्होंने कहा कि हमे कुपोषण मुक्त सीतामढ़ी बनाने के लिए सभी स्तरों पर काफी गंभीरता के साथ प्रयास करना होगा। उन्होंने कहा कि सभी के सामूहिक प्रयास से ही सीतामढ़ी कुपोषण जिला बनेगा।
उप विकास आयुक्त श्री तरनजोत सिंह ने संवर्धन कार्यक्रम की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि कुपोषित बच्चों के लिए इस प्रकार के लक्षित कार्यक्रम की अत्यंत आवश्यकता है उन्होंने सी-सैम कार्यक्रम के के तहत क्षेत्रों में अति गंभीर कुपोषित बच्चों की पहचान कर उसकी स्थिति के अनुरूप सेवा प्रदान करना एवं उनका रेफरल करने का निर्देश दिया गया एवं सभी विभाग आपसी समन्वय से कार्यक्रम का क्रियान्वयन करना सुनिश्चित करेंगे |
सिविल सर्जन महोदय के द्वारा बताया गया की “संवर्धन” कार्यक्रम के अंतर्गत प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी के द्वारा vhsnd पर कुपोषित बच्चो के प्रबंधन से सम्बन्धित जरुरी दवाए उपलब्ध कराई जाएगी तथा सदर अस्पताल में NRC में रेफेर किये गए बच्चो का ससमय नामांकन एवं समुचित प्रबंधन की व्यवस्था किया जायेगा |
जिला प्रोग्राम पदाधिकारी, आईसीडीएस ने बताया की कुपोषण बच्चो में गंभीर स्वास्थ्य की स्थिति है जहां एक स्वस्थ बच्चे की तुलना में कुपोषित बच्चे में मरने की संभावना 9 गुना अधिक होती है तथा 5 वर्ष से कम उम्र के बच्चों में कुपोषण और बार बार बीमार पड़ना बाल मृत्यु दर के कुछ प्रमुख कारणों में से एक है जिसका ससमय प्रबंधन करना बहुत ही आवश्यक है |
डॉक्टर शिवानी , कार्यक्रम अधिकारी, यूनिसेफ ने कुपोषण के वर्तमान परिदृश्य और अतिकुपोषित बच्चों के समुदाय आधारित प्रबंधन कार्यक्रम “संवर्धन” की आवश्यकता पर पीपीटी के माध्यम से सत्र के दौरान बताया कुपोषित बच्चों की देखभाल और प्रबंधन के 10 चरणों पर प्रकाश डाला |
डॉ राजेंद्र प्रसाद कृषि विद्यालय की डॉ उषा ने कुपोषित बच्चों के लिए ऊर्जायुक्त पौष्टिक भोजन एवं खानपान के संबंध में विस्तार से चर्चा करते हुए समुदाय स्तर पर इसकी आवश्यकता पर प्रकाश डाला | उन्होंने कहा कि कार्यक्रम के तहत कुपोषित बच्चों के देखभाल कर्ता एवं आंगनवाड़ी सेविका को ऊर्जायुक्त पौष्टिक भोजन बनाने की विधि एवं प्रदर्शन के बारे में बताया जाएगा|
परिमल झा, राज्य पोषण विशेषज्ञ, पिरामल स्वास्थ्य ने कहा कि “संवर्धन” कार्यक्रम का उद्देश्य विभिन्न विभागों के अंतर्गत मौजूदा मंचों को एकीकृत कर समुदाय स्तर पर बच्चों में कुपोषण की रोकथाम और उनके प्रबंधन को सशक्त करना है | इस कार्यक्रम के तहत सीतामढ़ी जिला में प्रखंड स्तर पर स्वास्थ्य विभाग और आईसीडीएस विभाग के कर्मी का क्षमता वर्धन प्रस्तावित है |
कार्यक्रम का संचालन करते हुए पिरामल स्वास्थ्य के डीटीएम रवि रंजन कुमार एवं विजय शंकर पाठक ने सी-सैम कार्यक्रम के क्रियान्वयन योजना पर चर्चा की और प्रखंड स्तर पर प्रस्तावित प्रशिक्षण पर प्रकाश डाला तथा उनके स्वास्थ्य और पोषण में सुधार लाने के प्रति पर चर्चा की गई |
डॉ राजेंद्र प्रसाद केन्द्रीय कृषि विश्वविद्यालय, सेंटर ऑफ एक्सीलेंस, पीएमसीएच, पटना, पिरमल स्वास्थ्य एवं यूनिसेफ “संवर्धन कार्यक्रम” को जिले में क्रियान्वयन करने के लिए तकनीकी भागीदार है तथा कार्यक्रम का क्रियान्वयन आईसीडीएस एवं स्वास्थ विभाग बद्वारा किया जाएगा |
उक्त कार्यक्रम में सीतामढ़ी जिले के, सिविल सर्जन डॉ सुरेश चन्द्र लाल, जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी डॉ एके झा, जिला प्रोग्राम पदाधिकारी श्रीमती रंजना भारती, जिला कार्यक्रम प्रबंधक अशित रंजन, डीटीएम, पिरमल स्वास्थ्य रवि रंजन एवं विजय शंकर पाठक, डीसी, एन०एन०एम० रूपम कुमारी त्तथा सभी प्रखंड के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी, बाल विकास परियोजना पदाधिकारी एवं प्रखंड स्वास्थ्य प्रबंधक आदि शामिल हुए ।
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