आज़म हुसैन अनवर की एंट्री से बढ़ी सियासी हलचल, मतदाता देख रहे नया विकल्प
सीतामढ़ी।
आगामी विधानसभा चुनाव 2025 में सीतामढ़ी जिले की बाजपट्टी विधानसभा सीट इस बार सुर्खियों में है। परंपरागत रूप से जेडीयू और राजद के बीच सीधी टक्कर वाली इस सीट पर इस बार समीकरण बदलते दिख रहे हैं। पूर्व सांसद स्वर्गीय अनवारुल हक के पुत्र आज़म हुसैन अनवर ने प्रशांत किशोर की जनसुराज पार्टी से चुनावी मैदान में उतरने का ऐलान कर दिया है। उनकी एंट्री से राजनीतिक माहौल गर्म हो गया है और यह सीट अब हॉट सीट मानी जा रही है।
आज़म हुसैन अनवर का राजनीतिक बैकग्राउंड मज़बूत है। वे स्वर्गीय सांसद अनवारुल हक के परिवार से आते हैं। क्षेत्र में उनके परिवार की पहचान और पहुंच लंबे समय से रही है। आज़म अब अपने पिता की राजनीतिक विरासत को आगे बढ़ाने का दावा कर रहे हैं। उनके जनसंपर्क कार्यक्रमों में बड़ी संख्या में युवाओं और महिलाओं की भागीदारी चर्चा का विषय बनी हुई है।
बाजपट्टी सीट पर बीते कई चुनावों में जदयू और राजद के बीच कांटे की टक्कर होती रही है। लेकिन इस बार आज़म हुसैन अनवर के जनसुराज पार्टी से उतरने से त्रिकोणीय मुकाबले की संभावना बन गई है। स्थानीय राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आज़म की एंट्री दोनों प्रमुख दलों के लिए चुनौतीपूर्ण साबित हो सकती है, खासकर तब जब जनता बदलाव का मूड दिखा रही हो।
क्षेत्रीय मतदाता आज़म को एक नये विकल्प के रूप में देख रहे हैं। उनका कहना है कि परंपरागत पार्टियां सत्ता में आने के बाद स्थानीय समस्याओं के समाधान में पूरी तरह सफल नहीं हो पाई हैं। वहीं आज़म अपने अभियानों में शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार को प्राथमिक मुद्दा बना रहे हैं।
बाजपट्टी विधानसभा सीट पर इस बार मुकाबला दिलचस्प हो गया है। जदयू और राजद की परंपरागत जंग के बीच आज़म हुसैन अनवर का नया चेहरा चुनाव को नई दिशा दे सकता है। अब देखना होगा कि जनता किसे अपना प्रतिनिधि चुनती है और यह सीट किसके खाते में जाती है।



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