बाजपट्टी : थानाक्षेत्र के रतनपुरा गांव निवासी अशोक भगत के पुत्र विमलेश महतो की मौत दिल्ली में पुलिस के साथ एनकाउंटर में हो गई. वह एक गरीब परिवार से था. गरीबी से बाहर निकालने के लिए उसने शराब तस्करी का कारोबार करना शुरू किया. पहली बार साल 2020 में उसके खिलाफ बाजपट्टी थाना में शराब कांड का मामला दर्ज हुआ. इसके बाद बाहर निकाल कर इस व्यवसाय को आगे बढ़ता रहा इसी बीच साल 2022 में प्रसिद्ध राजूराम हत्याकांड में वह नामजद अभियुक्त रहा.
उसके पकड़े जाने के बाद वह जब जेल गया तो वहीं पहली बार उसकी मुलाकात रंजन पाठक से हुई और वह उसके गैंग में शामिल हो गया. तब से वह इस गैंग के प्रमुख सदस्य के रूप में कार्य करता रहा. गुरुवार की सुबह दिल्ली में दिल्ली पुलिस एवं बिहार पुलिस के संयुक्त ऑपरेशन में चार इनामी अपराधियों की एनकाउंटर हुई. उन सभी को दिल्ली के अस्पताल में मृत घोषित कर दिया गया. उसने एक मुस्लिम लड़की से प्रेम विवाह किया था . जिससे उसकी एक पुत्र भी है. ग्रामीणों के मुताबिक उसके पिता अशोक भगत उर्फ माधुरी महतो एक किसान है. जो अपना जीवन यापन कृषि कार्य से करते हैं. वहीं मृतक का एक भाई चंदन महतो है जो बाहर रह कर मजदूरी का काम करता है.
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