विश्व स्वास्थ्य दिवस पर जागरूकता कार्यक्रम, संतुलित जीवनशैली अपनाने की अपील
सीतामढ़ी। डायबिटीज़, उच्च रक्तचाप और मोटापा आज भारत में तेजी से गंभीर सार्वजनिक स्वास्थ्य चुनौतियों के रूप में उभर रहे हैं। ये बीमारियां आगे चलकर हृदय रोग, स्ट्रोक और किडनी फेल्योर जैसी घातक स्थितियों का कारण बन सकती हैं। इस संदर्भ में विश्व स्वास्थ्य दिवस के अवसर पर सशस्त्र सीमा बल, सीमान्त मुख्यालय पटना में आयोजित स्वास्थ्य जागरूकता कार्यक्रम में लोगों को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का संदेश दिया गया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए डॉ. निशि कान्त, कमांडेंट (मेडिकल), सशस्त्र सीमा बल ने कहा कि डायबिटीज़, हाइपरटेंशन और मोटापा आपस में गहराई से जुड़े हुए हैं तथा इनका मुख्य कारण असंतुलित जीवनशैली है। उन्होंने बताया कि खराब खान-पान, शारीरिक गतिविधि की कमी, तनाव और अपर्याप्त नींद इन रोगों को बढ़ावा देते हैं।
उन्होंने कहा कि इन बीमारियों के नियंत्रण के चार प्रमुख स्तंभ हैं—संतुलित आहार, नियमित व्यायाम, वजन नियंत्रण और मानसिक स्वास्थ्य। लोगों को सलाह देते हुए उन्होंने कहा कि दैनिक भोजन में हरी सब्जियां, फल, साबुत अनाज और फाइबर युक्त खाद्य पदार्थ शामिल करें तथा नमक, चीनी और जंक फूड का सेवन कम करें। उन्होंने आंतों के स्वास्थ्य पर ध्यान देने की भी बात कही और दही, छाछ तथा किण्वित खाद्य पदार्थों को लाभकारी बताया।
नियमित शारीरिक गतिविधि पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि प्रतिदिन कम से कम 30 से 45 मिनट तेज चलना, योग या व्यायाम करना आवश्यक है। साथ ही लंबे समय तक बैठे रहने से बचने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि पेट के आसपास जमा चर्बी सबसे अधिक खतरनाक होती है, इसलिए वजन नियंत्रण बेहद जरूरी है। मानसिक तनाव को कम करने के लिए ध्यान, प्राणायाम और 7 से 8 घंटे की पर्याप्त नींद लेने की सलाह दी गई।
नशे से दूरी पर बल देते हुए उन्होंने कहा कि धूम्रपान और शराब हृदय एवं रक्त वाहिकाओं को गंभीर नुकसान पहुंचाते हैं। इससे रक्त वाहिकाओं का संकुचन, धमनियों में चर्बी का जमाव, हृदयाघात और स्ट्रोक का खतरा बढ़ जाता है। धूम्रपान से रक्त में ऑक्सीजन की कमी होती है और रक्त गाढ़ा हो जाता है, जबकि अत्यधिक शराब सेवन इंसुलिन की क्रिया को प्रभावित कर टाइप-2 डायबिटीज के जोखिम को बढ़ाता है।
उन्होंने कहा कि यदि किसी व्यक्ति को ये बीमारियां हो चुकी हैं, तो नियमित जांच और चिकित्सकीय परामर्श के माध्यम से इन्हें नियंत्रित किया जा सकता है। ब्लड शुगर, ब्लड प्रेशर और वजन की नियमित निगरानी आवश्यक है तथा डॉक्टर द्वारा दी गई दवाओं का नियमित सेवन करना चाहिए। प्रत्येक व्यक्ति के लिए डाइट और व्यायाम की योजना अलग हो सकती है, इसलिए विशेषज्ञ की सलाह लेना जरूरी है।
अंत में उन्होंने कहा कि जीवनशैली में स्थायी सुधार ही डायबिटीज़, उच्च रक्तचाप और मोटापे पर नियंत्रण का सबसे प्रभावी उपाय है।


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